भगवान के साथ झगड़ा : रवि की हंसी - ठिठोली भरी कहानी रवि एक युवा लड़का था जो अपने जीवन में नई-नई चीजें आजमाने का बहुत शौक़ीन था। चाहे वो नया खेल हो, नया कोर्स हो, या नया बिजनेस आइडिया, रवि हर चीज़ में उत्साह के साथ कूद पड़ता था। लेकिन एक बात थी जो उसे परेशान करती थी – हर बार उसे असफलता ही हाथ लगती थी। एक दिन रवि अपनी माँ, सुशीला, के पास गया। उसने बहुत ही उदास स्वर में कहा, “माँ, मुझे नहीं लगता कि भगवान सच में हैं। मैं जब भी कुछ नया शुरू करता हूँ, मुझे सिर्फ असफलता ही मिलती है। मैंने अच्छा रोडमैप बनाया, अच्छी रणनीति बनाई, फिर भी कुछ नहीं होता। मैं अब भगवान पर विश्वास नहीं कर सकता।“ सुशीला ने हंसते हुए कहा, “अरे, बेटा! भगवान कोई मैजिक वैंड थोड़ी हैं जो घुमा दिया और सब सही हो गया। ये जीवन है, यहाँ मेहनत और धैर्य से ही सब कुछ मिलता है।“ रवि ने तुनकते हुए कहा, “माँ, ये भगवान सिर्फ कहानियों में अच्छे लगते हैं। वास्तविक जीवन में तो उन्होंने मुझे हमेशा निराश किया है।“ सुशीला ने मुस्कुराते हुए कहा, “अरे मेरे भोले बालक, भगवान भी सोचते होंगे कि रवि को थोड़ा और संघर्ष करने दो, ताकि व...