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Showing posts from August, 2024

Charitavali by S7SHUKLA

 
 
 "फैन गिरा, हंगामा हुआ" शाम का समय था, माता-पिता बाजार जाने की तैयारी कर रहे थे। जाते-जाते उन्होंने अपनी 13 साल की बड़ी बेटी, प्रिया, को समझाते हुए कहा, “बेटा, कोई भी आए तो बोल देना कि मम्मी-पापा घर पर नहीं हैं और दरवाजा अंदर से मत खोलना। हम थोड़ी देर में आ जाएंगे।” ये कहकर दोनों चले गए और प्रिया और उसका 10 साल का भाई, संजू, घर पर अकेले रह गए। माता-पिता के जाते ही दोनों भाई-बहन के बीच वही पुरानी लड़ाई शुरू हो गई। संजू ने प्रिया की किसी पुरानी गलती को याद दिला दिया, तो प्रिया ने जवाबी हमला करते हुए कहा, “तू तो हमेशा मम्मी के लाडले बनता है, तुझे तो कुछ आता ही नहीं!” बस, फिर क्या था, दोनों में बहस इतनी बढ़ गई कि कुशन फेंके जाने लगे और चीखने-चिल्लाने की आवाजें पूरे घर में गूंजने लगीं।  कुछ देर लड़ने के बाद दोनों थक गए और अपने-अपने कमरों में चले गए। प्रिया ने सोचा, “चलो, थोड़ी शांति तो मिली।” लेकिन कुछ ही देर में संजू के कमरे से जोरदार आवाज आई। प्रिया घबरा गई और दौड़ती हुई भाई के कमरे में गई। वहां जाकर उसने देखा कि पंखा टूटकर गिरा हुआ है और संजू पंखे के नीचे लेटा हुआ है। प्रिया के...

बाबू भैया की टॉप 10 की रेस"

  " बाबू भैया की टॉप 10 की रेस" कोचिंग सेंटर का माहौल हमेशा से ही कुछ खास था। कभी किसी ने पढ़ाई के लिए यहां का रुख नहीं किया था, बल्कि ये जगह असली 'तफरी' का केंद्र बन चुकी थी। सूर्या और कमलेश, दो दोस्त, जो हमेशा एक-दूसरे की टांग खींचने में माहिर थे, अक्सर यहां मिलते और कुछ न कुछ बहाना ढूंढते ताकि पढ़ाई की बात छेड़ी जा सके, फिर उसी पर मजाक किया जा सके। एक दिन सूर्या, जो हमेशा से ही खुद को ज्ञान का पिटारा समझता था, कमलेश से ठहाके मारते हुए बोला, "यार कमलेश, पढ़ाई तो की नहीं, और कोचिंग आ गया। तुझे क्या लगता है, यहां आकर क्या तेरा भविष्य सुधर जाएगा?" कमलेश, जो हमेशा अपने जवाब से सबको चौंका देता था, आंखें चौड़ी करते हुए बोला, "क्यों, क्या बोल रहा है तू? मैं पढ़ता नहीं हूं? एक बार तू मेरे साथ 11वीं में होता तो देखता, कैसे मैं टॉप 10 में आता था। 80 बच्चों के बीच में भी सब मेरी मिसाल देते थे।" सूर्या, जिसे कमलेश की हर बात पर शक रहता था, मजाकिया अंदाज में बोला, "तू और टॉप 10? भाई, मुझे नहीं लगता कि तू क्लास के टॉप 50 में भी होगा। तू ऐसे ही हांक रहा है।...

पाँचवीं कक्षा का प्यार: - चाहे वो online हो या offline।

पाँचवीं कक्षा का प्यार: - चाहे वो online हो या offline। राजन का परिवार एक छोटे से शहर में रहता था, जहाँ की ज़िंदगी अब धीरे-धीरे modern हो रही थी। जब राजन चौथी कक्षा पास कर चुका था, तो उसके parents ने सोचा कि उसे और बेहतर education मिले। इसलिए उन्होंने उसका admission शहर के सबसे बड़े और famous CBSE school, 'RBC International School', में करवा दिया। राजन के लिए ये एक new beginning थी। RBC school का माहौल बिल्कुल अलग था—यहाँ के बच्चे बहुत smartphones और social media के बारे में बात करते थे, और हर कोई latest trends को follow करता था। गाँव के simple school की तुलना में यहाँ की पढ़ाई और environment दोनों ही बहुत different थे। राजन को इस नए माहौल में adjust होने में थोड़ा time लग रहा था। पाँचवीं कक्षा में जब वह नए दोस्तों से मिलने की कोशिश कर रहा था, तब भी वह थोड़ा hesitant महसूस कर रहा था। लेकिन धीरे-धीरे उसने school की activities में participate करना शुरू कर दिया। एक दिन, जब वह class में बैठा हुआ था, उसकी नज़र window के पास बैठी एक लड़की पर पड़ी। वह लड़की अपने phone पर कुछ देख रही थ...